UP Shikshamitra Mitra salary Hike: खुशखबरी! अब शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मिलेंगे मानदेय , अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे

UP Shikshamitra Mitra salary Hike: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है। यह बढ़ा हुआ भुगतान अप्रैल महीने से लागू होगा। इसी के साथ अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है।

यह निर्णय करीब 1.75 लाख कर्मियों के लिए सीधी आर्थिक राहत माना जा रहा है। प्रदेशभर में काफी समय से चल रही मांग, ज्ञापन और प्रदर्शन के बाद सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहले कितना मिलता था और अब कितना मिलेगा

अब तक शिक्षामित्रों को हर महीने 10,000 रुपये मिलते थे। नए आदेश के बाद उन्हें सीधे 8000 रुपये की वृद्धि का लाभ मिलेगा। वहीं अनुदेशक, जिन्हें पहले लगभग 9000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, अब 17000 रुपये पाएंगे।

इस तरह दोनों वर्गों की आय लगभग दोगुनी हो गई है, जिससे ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था (primary education system) में काम कर रहे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

श्रेणीपुराना मानदेयनया मानदेयवृद्धि
शिक्षामित्र₹10,000₹18,000₹8,000
अनुदेशक₹9,000₹17,000₹8,000
लागू होने की तारीखअप्रैल से
लाभार्थी संख्यालगभग 1.75 लाख

प्रदेश में कितने हैं शिक्षामित्र

उत्तर प्रदेश में लगभग 1.50 लाख से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इसके अलावा करीब 25 हजार अनुदेशक परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इस फैसले से बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूलों (government schools) में कार्यरत कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा।

पिछली बार कब बढ़ा था वेतन

2017 में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय 3000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये किया गया था।

इससे पहले 2014-15 में समाजवादी पार्टी शासनकाल में शिक्षामित्रों को स्थायी किया गया था और उनका वेतन सहायक अध्यापक के बराबर हुआ था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से समायोजन रद्द हो गया। तब से वे मानदेय आधारित व्यवस्था में काम कर रहे हैं और केवल 11 महीने का भुगतान मिलता है।

सरकार ने और क्या-क्या घोषणाएं की

सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई और फैसले भी घोषित किए हैं —

  • शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज (cashless health scheme)
  • सीएम कंपोजिट स्कूल योजना के लिए 2382 करोड़ रुपये
  • माध्यमिक शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में 75% खर्च सरकार उठाएगी
  • बालिका छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन योजना पर 300 करोड़ रुपये
  • प्रदेश की सभी 6 कमिश्नरी में विश्वविद्यालय स्थापित

क्यों अहम माना जा रहा है यह फैसला

शिक्षामित्र और अनुदेशक संगठन लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। कई बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए थे। ऐसे में बजट सत्र के दौरान आई यह घोषणा उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

सरकार का दावा है कि इससे प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था (school education system) मजबूत होगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।

अप्रैल से बढ़े हुए पैसे मिलने के बाद शिक्षामित्रों की आय में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और ग्रामीण स्कूलों में कार्य करने वाले कर्मचारियों की आर्थिक स्थिरता बेहतर होने की उम्मीद है।

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