उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य की करीब 3.10 लाख महिला कर्मियों को लंबे समय से (Salary Hike) का इंतजार है। हाल ही में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शिक्षामित्र और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाए जाने के बाद अब आंगनवाड़ी कर्मचारियों में भी उम्मीदें तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या 1 अप्रैल 2026 से इन्हें भी बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी?
सरकार ने पहले ही कर दी थी घोषणा
मुख्यमंत्री ने कुछ समय पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा वर्करों और रसोइयों के मानदेय बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन अब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। वहीं दूसरी तरफ शिक्षामित्रों के बढ़े मानदेय को लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जिससे आंगनवाड़ी कर्मियों को भी जल्द (Implementation Order) आने की उम्मीद है।
कई वर्षों से मानदेय में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जबकि कार्यभार लगातार बढ़ा है। पोषण अभियान, सर्वे, टीकाकरण सहयोग, गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग और बच्चों की रिपोर्टिंग जैसे काम इनकी जिम्मेदारी में शामिल हैं। इसी वजह से कर्मचारी संगठन लगातार वेतन संशोधन की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल कितनी मिलती है सैलरी
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने लगभग 8,000 रुपये मिलते हैं। वहीं सहायिकाओं को करीब 4,000 रुपये दिए जाते हैं। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाला मानदेय और इंसेंटिव दोनों शामिल होते हैं।
हालांकि विभाग ने बढ़ोतरी की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन नई राशि कितनी होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
कितना बढ़ सकता है मानदेय
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सहायिकाओं का मानदेय कम से कम 15,000 रुपये और कार्यकर्ताओं का 20,000 रुपये प्रति माह किया जाए। सरकार ने इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया है, मगर वित्तीय गणना (Financial Approval) पर काम चल रहा बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार यदि प्रस्ताव मंजूर हुआ तो बढ़ा हुआ मानदेय नए वित्तीय वर्ष से लागू हो सकता है। यानी 1 अप्रैल से भुगतान की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार रहेगा।
क्या कहता है संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से (Honorarium Revision) लागू कर सकती है, जैसा अन्य विभागों में किया गया है। इसलिए आदेश आने तक इसे सिर्फ संभावना ही माना जाएगा।
फिलहाल निष्कर्ष यही है — मानदेय बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है, पर नई सैलरी कितनी होगी और कब लागू होगी, इसका अंतिम फैसला आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।